तापी बावड़ी और प्राचीन स्मारको को लेकर मुख्य सचिव को हलफनामा पेश करने के आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को आदेश दिए है कि वे अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत रूप से हलफनामा पेश कर बताए कि राज्य के प्राचीन स्मारकों की सुरक्षा और सरंक्षण को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्राचीन स्मारकों की स्थिती और उनके सरंक्षण को लेकर स्वप्रेणा प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी.
इसी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश के आर श्रीराम और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने ये आदेश दिया हैं.
जोधपुर कलेक्टर को बनाया पक्षकार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार कि ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने मामले में जोधपुर जिला कलेक्टर को पक्षकार नहीं बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई.
सरकार के अनुरोध पर खंडपीठ ने जोधपुर जिला कलेक्टर को भी इस मामले में पक्षकार बनाने के आदेश दिए हैं
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद राज्य के मुख्य सचिव सहित सभी प्रतिवादियों को व्यक्तिगत रूप से एफिडेविट दायर करने के आदेश देते हुए यह जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं.
क्या कदम उठाए..
हलफनामें में मुख्य सचिव को यह बताना होगा कि हाईकोर्ट द्वारा मामले में प्रसंज्ञान लेने के बाद सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं.
हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में हलफनामा पेश करते हुए हलफनामें की प्रति इस मामलें में कोर्ट के सहयोग के लिए नियुक्त न्यायामित्र प्रदीप सिंह खींची, देवेन्द्रसिंह राठौड़ व राजवेन्द्र सारस्वत को प्रति सौंपने के भी आदेश दिए हैंं
इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की हैं.